कोविड-19

Covid-19: भारत में मिला कोरोना का नया JN.1 वेरिएंट

16 दिसंबर 2023
पूरी दुनिया में कोहराम मचाने वाली कोरोना महामारी अभी भी हमारा पीछा नहीं छोड़ रही है। बीते कुछ समय से दुनियाभर में भले ही इसके मामलों में कुछ कमी देखने तो मिल रही है, लेकिन इसका खतरा अभी तक टला नहीं है। बीच-बीच मे कई बार इस वायरस के विभिन्न वेरिएंट्स ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। इसी बीच अब एक बार फिर इसे लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। दरअसल, चीन जहां से इस महामारी की शुरुआत हुई थी, वहां अब कोरोना के एक नए सबवेरिएंट जेएन.1 (JN.1) के मामले आए हैं।

कोरोना के इस नए सबवेरिएंट की पहचान सबसे पहले लक्जमबर्ग में की गई थी, जिसके बाद यूके, आइसलैंड, फ्रांस और अमेरिका में भी इसके मामले सामने आने लगे। इतना ही नहीं खुद भारत में भी कोरोना के इस सबवेरिएंट का एक मामला सामने आया है। बीते दिनों केरल में इस नए सबवेरिएंट जेएन.1 की पुष्टि की गई है। इस मामले के सामने आते ही अब सभी की चिंताएं एक बार फिर बढ़ गई है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में जानते हैं कोरोना के इस नए सबवेरिएंट से जुड़ी वह सभी बातें, जो आपके लिए जानना जरूरी है।

जेएन.1 क्या है ?

डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन सेंटर (सीडीसी) के मुताबिका कोरोना का यह सबवेरिएंट, ओमिक्रॉन सबवेरिएंट BA.2.86 का वंशज है, जिसे ‘पिरोला’ भी कहा जाता है। वैज्ञानिकों की मानें, तो JN.1 और BA.2.86 के बीच केवल एक ही बदलाव है और वह है स्पाइक प्रोटीन में बदलाव। स्पाइक प्रोटीन जिसे स्पाइक भी कहा जाता है। यह वायरस की सतह पर छोटे स्पाइक्स जैसा दिखाई देता है। इसी वजह से लोगों में वायरस का संक्रमण ज्यादा तेजी से होता है।

Prabandh Sampadak chandrashekhar Singh

Prabhand Sampadak Of Upbhokta ki Aawaj.

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